Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.85.40: सहस्राक्ष! सुरभि के धाम गोलोक में सभी की समस्त कामनाएँ पूर्ण होती हैं। वहाँ मृत्यु और बुढ़ापा भी आक्रमण नहीं करते। अग्नि में भी कोई शक्ति नहीं है॥40॥   |   mahabharat अध्याय 13.85: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गौओंका उत्कर्ष बताना और गौओंको वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 85: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गौओंका उत्कर्ष बताना और गौओंको वरदान देना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  13.85.40 
तस्या लोका: सहस्राक्ष सर्वकामसमन्विता:।
न तत्र क्रमते मृत्युर्न जरा न च पावक:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
सहस्राक्ष! सुरभि के धाम गोलोक में सभी की समस्त कामनाएँ पूर्ण होती हैं। वहाँ मृत्यु और बुढ़ापा भी आक्रमण नहीं करते। अग्नि में भी कोई शक्ति नहीं है॥40॥
 
Sahasraksha! In Goloka, the abode of Surabhi, all the desires of all are fulfilled. Death and old age do not attack there. Even fire has no power. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)