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श्लोक  13.85.35 
ब्रह्मोवाच
तामेवं ब्रुवतीं देवीं सुरभिं त्रिदशेश्वर।
प्रत्यब्रुवं यद् देवेन्द्र तन्निबोध शचीपते॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी बोले - हे देवेन्द्र! हे शचीपते! जब सुरभि ऐसी बातें कहने लगी, तब मैंने उसे जो उत्तर दिया, उसे सुनो। 35।
 
Brahma said, "O lord of gods! O Devendra! O Shachipate! When Surabhi started saying such things, then listen to the answer I gave her. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)