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mahabharat 13.85.31: वे सब मेरे साथ जाकर उन शुभ तपस्विनी सुरभि देवी के पास खड़े हो गए, तब मैंने वहाँ उनसे कहा -॥31॥   |   mahabharat अध्याय 13.85: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गौओंका उत्कर्ष बताना और गौओंको वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 85: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गौओंका उत्कर्ष बताना और गौओंको वरदान देना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  13.85.31 
तत्र गत्वा मया सार्धं पर्युपासन्त तां शुभाम्।
अथाहमब्रुवं तत्र देवीं तां तपसान्विताम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
वे सब मेरे साथ जाकर उन शुभ तपस्विनी सुरभि देवी के पास खड़े हो गए, तब मैंने वहाँ उनसे कहा -॥31॥
 
‘All of them went with me and stood near that auspicious ascetic Surabhi Devi. Then I told her there -॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)