Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.84.23: हे पुरुषों! जब लक्ष्मीजी ने ऐसा कहा, तब दया और प्रेम की स्वरूपा गौएँ आपस में विचार करने लगीं; फिर वे सब लक्ष्मीजी से बोलीं-॥23॥   |   mahabharat अध्याय 13.84: लक्ष्मी और गौओंका संवाद तथा लक्ष्मीकी प्रार्थनापर गौओंके द्वारा गोबर और गोमूत्रमें लक्ष्मीको निवासके लिये स्थान दिया जाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 84: लक्ष्मी और गौओंका संवाद तथा लक्ष्मीकी प्रार्थनापर गौओंके द्वारा गोबर और गोमूत्रमें लक्ष्मीको निवासके लिये स्थान दिया जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.84.23 
एवमुक्तास्ततो गाव: शुभा: करुणवत्सला:।
सम्मन्त्र्य सहिता: सर्वा: श्रियमूचुर्नराधिप॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषों! जब लक्ष्मीजी ने ऐसा कहा, तब दया और प्रेम की स्वरूपा गौएँ आपस में विचार करने लगीं; फिर वे सब लक्ष्मीजी से बोलीं-॥23॥
 
Lord of men! When Lakshmi said this, the cows, who were embodiments of compassion and love, discussed the matter together; then they all said to Lakshmi -॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)