Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.84.22-23h: हे पापरहित गौओं! वास्तव में तुम्हारे शरीर के अंगों में कोई भी पाप-कलंक दिखाई नहीं देता। तुम परम पवित्र, पवित्र और सौभाग्यशाली हो। अतः मुझे अपनी अनुमति दो। मुझे स्पष्ट रूप से बताओ कि मैं तुम्हारे शरीर में कहाँ रह सकता हूँ॥ 22 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.84: लक्ष्मी और गौओंका संवाद तथा लक्ष्मीकी प्रार्थनापर गौओंके द्वारा गोबर और गोमूत्रमें लक्ष्मीको निवासके लिये स्थान दिया जाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पापरहित गौओं! वास्तव में तुम्हारे शरीर के अंगों में कोई भी पाप-कलंक दिखाई नहीं देता। तुम परम पवित्र, पवित्र और सौभाग्यशाली हो। अतः मुझे अपनी अनुमति दो। मुझे स्पष्ट रूप से बताओ कि मैं तुम्हारे शरीर में कहाँ रह सकता हूँ॥ 22 1/2॥
O sinless cows! In reality, there is no evil spot visible in your body parts. You are extremely pious, pure and fortunate. So, give me your permission. Tell me clearly where in your body I can stay.॥ 22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥