Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.83.46: इस प्रकार ये परम सौभाग्यशाली गौएँ यज्ञ का मुख्य अंग हैं और सबकी मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाली हैं। इन्हें तुम रोहिणी समझो। इनसे श्रेष्ठ कोई भी नहीं है ॥46॥ | mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार ये परम सौभाग्यशाली गौएँ यज्ञ का मुख्य अंग हैं और सबकी मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाली हैं। इन्हें तुम रोहिणी समझो। इनसे श्रेष्ठ कोई भी नहीं है ॥46॥
Thus these extremely fortunate cows are the main part of the sacrifice and they grant all the desires of everyone. You should consider them as Rohini. There is nothing better than them. ॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥