Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.83.45: पुत्र की इच्छा रखने वाले को पुत्र और धन की इच्छा रखने वाले को धन की प्राप्ति होती है। पति की इच्छा रखने वाली स्त्री को मनचाहा पति मिलता है। संक्षेप में, गौओं की पूजा करने से मनुष्य अपनी सभी मनोकामनाएँ पूरी कर लेता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि मनुष्यों द्वारा सेवा और संतुष्टि प्राप्त करने पर गौएँ उन्हें सब कुछ प्रदान करती हैं ॥ 45॥ | mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुत्रकामश्च लभते पुत्रं धनमथापि वा।
पतिकामा च भर्तारं सर्वकामांश्च मानव:।
गावस्तुष्टा: प्रयच्छन्ति सेविता वै न संशय:॥ ४५॥
अनुवाद
पुत्र की इच्छा रखने वाले को पुत्र और धन की इच्छा रखने वाले को धन की प्राप्ति होती है। पति की इच्छा रखने वाली स्त्री को मनचाहा पति मिलता है। संक्षेप में, गौओं की पूजा करने से मनुष्य अपनी सभी मनोकामनाएँ पूरी कर लेता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि मनुष्यों द्वारा सेवा और संतुष्टि प्राप्त करने पर गौएँ उन्हें सब कुछ प्रदान करती हैं ॥ 45॥
One who desires a son gets a son and one who desires wealth gets wealth. A woman who desires a husband gets a husband of her choice. In short, by worshipping cows, a man achieves all his desires. There is no doubt that cows, when served and satisfied by humans, give them everything. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥