Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.83.4: गौएँ देवताओं से भी ऊँचे लोकों में निवास करती हैं। जो बुद्धिमान पुरुष उन्हें दान करते हैं, वे मोक्ष प्राप्त करते हैं और स्वर्ग को जाते हैं॥4॥   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.83.4 
देवानामुपरिष्टाच्च गाव: प्रतिवसन्ति वै।
दत्त्वा चैतास्तारयन्ते यान्ति स्वर्गं मनीषिण:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
गौएँ देवताओं से भी ऊँचे लोकों में निवास करती हैं। जो बुद्धिमान पुरुष उन्हें दान करते हैं, वे मोक्ष प्राप्त करते हैं और स्वर्ग को जाते हैं॥4॥
 
Cows reside in realms higher than even the gods. The wise men who donate them save themselves and go to heaven. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)