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mahabharat 13.83.39: एक महीने तक गाय के गोबर से बने जौ का दलिया खाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति ब्रह्महत्या के पाप से भी मुक्त हो जाता है।   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.83.39 
निर्हृतैश्च यवैर्गोभिर्मासं प्रश्रितयावक:।
ब्रह्महत्यासमं पापं सर्वमेतेन शुध्यते॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
एक महीने तक गाय के गोबर से बने जौ का दलिया खाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति ब्रह्महत्या के पाप से भी मुक्त हो जाता है।
 
One should consume barley porridge extracted from cow dung for one month. By doing this a person gets rid of even the sin of killing a brahmin. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)