Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.83.34: मन में भी गौओं के साथ कभी द्रोह नहीं करना चाहिए; उन्हें सदैव प्रसन्न रखना चाहिए; उनका आदर-सत्कार करना चाहिए तथा उन्हें नमस्कार आदि करके उनकी पूजा करनी चाहिए ॥34॥ | mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मन में भी गौओं के साथ कभी द्रोह नहीं करना चाहिए; उन्हें सदैव प्रसन्न रखना चाहिए; उनका आदर-सत्कार करना चाहिए तथा उन्हें नमस्कार आदि करके उनकी पूजा करनी चाहिए ॥34॥
One should never betray the cows even in his mind; one should always keep them happy; one should treat them with due respect and worship them by saluting them etc. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥