Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.83.30: हे राजन! सुन्दर अप्सराएँ इनके साथ क्रीड़ा करती हैं। युधिष्ठिर! गौओं का दान करने से ही मनुष्य इन लोकों में जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  13.83.30 
उपक्रीडन्ति तान् राजन् शुभाश्चाप्सरसां गणा:।
एताँल्लोकानवाप्नोति गां दत्त्वा वै युधिष्ठिर॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! सुन्दर अप्सराएँ इनके साथ क्रीड़ा करती हैं। युधिष्ठिर! गौओं का दान करने से ही मनुष्य इन लोकों में जाते हैं।
 
O King! Beautiful Apsaras play with them. Yudhishthira! By donating cows, people go to these worlds only.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)