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mahabharat 13.83.26: वहाँ सोने के पहाड़ और बहुमूल्य पत्थरों और रत्नों से जड़ी चट्टानें हैं, जो अपनी सुन्दर, ऊँची और बहुमूल्य चोटियों से सुशोभित हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.83.26 
सौवर्णा गिरयस्तत्र मणिरत्नशिलोच्चया:।
सर्वरत्नमयैर्भान्ति शृंगैश्चारुभिरुच्छ्रितै:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ सोने के पहाड़ और बहुमूल्य पत्थरों और रत्नों से जड़ी चट्टानें हैं, जो अपनी सुन्दर, ऊँची और बहुमूल्य चोटियों से सुशोभित हैं।
 
There are mountains of gold and rocks studded with precious stones and gems, which are adorned with their beautiful, tall and precious peaks. 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)