Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.83.25: उन नदियों के जल में जड़ों द्वारा प्रवेश करते हुए अनेक उत्तम वृक्ष दिखाई देते हैं। वे बहुमूल्य रत्नों से युक्त और नाना प्रकार के हैं। अनेक वृक्ष सुवर्ण के बने हुए हैं और अनेक वृक्ष प्रज्वलित अग्नि के समान चमकते हैं॥25॥ | mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन नदियों के जल में जड़ों द्वारा प्रवेश करते हुए अनेक उत्तम वृक्ष दिखाई देते हैं। वे बहुमूल्य रत्नों से युक्त और नाना प्रकार के हैं। अनेक वृक्ष सुवर्ण के बने हुए हैं और अनेक वृक्ष प्रज्वलित अग्नि के समान चमकते हैं॥25॥
Many excellent trees are seen entering the water of those rivers through their roots. They are seen to be full of precious stones and are of various kinds. Many are made of gold and many other trees shine like a blazing fire.॥25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥