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mahabharat 13.83.21: वहाँ के जलाशय लाल कमल के वनों से सुशोभित हैं और रत्नजटित स्वर्णिम सीढ़ियाँ प्रातःकालीन सूर्य के समान चमकती हैं। 21॥   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  13.83.21 
रक्तोत्पलवनैश्चैव मणिखण्डैर्हिरण्मयै:।
तरुणादित्यसंकाशैर्भान्ति तत्र जलाशया:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
वहाँ के जलाशय लाल कमल के वनों से सुशोभित हैं और रत्नजटित स्वर्णिम सीढ़ियाँ प्रातःकालीन सूर्य के समान चमकती हैं। 21॥
 
The reservoirs there are adorned with red lotus forests and golden steps studded with gems that shine like the morning sun. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)