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mahabharat 13.83.2: भीष्म बोले, "हे राजन! गायें बहुत पवित्र हैं और महान कार्य करती हैं। वे मनुष्यों का उद्धार करती हैं तथा अपने दूध और घी से लोगों के प्राणों की रक्षा करती हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.83.2 
भीष्म उवाच
गावो महार्था: पुण्याश्च तारयन्ति च मानवान्।
धारयन्ति प्रजाश्चेमा हविषा पयसा तथा॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, "हे राजन! गायें बहुत पवित्र हैं और महान कार्य करती हैं। वे मनुष्यों का उद्धार करती हैं तथा अपने दूध और घी से लोगों के प्राणों की रक्षा करती हैं।
 
Bhishma said, "O King! Cows are very sacred and serve a great purpose. They save human beings and protect the lives of the people with their milk and ghee.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)