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श्लोक  13.83.15 
तासां शृंगाण्यजायन्त यस्या यादृङ्मनोगतम्।
नानावर्णा: शृंगवन्त्यस्ता व्यरोचन्त पुत्रक॥ १५॥
 
 
अनुवाद
बेटा! वरदान पाकर गायों के सींग प्रकट हो गए। जिसने भी सींग चाहे, उसे मिल गए। गायें नाना प्रकार के आकार, रंग और सींगों वाली अत्यंत सुंदर हो गईं।
 
Son! After receiving the boon, horns of the cows appeared. Whoever desired horns, they got them. The cows became very beautiful with different types of shapes and colors and horns.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)