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mahabharat 13.83.14: गौओं को प्रायोपवेशन (मृत्युपर्यन्त व्रत) करते देख ब्रह्माजी ने प्रत्येक गौ को उनकी इच्छित वस्तु दी ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  13.83.14 
ततो ब्रह्मा तु गा: प्रायमुपविष्टा: समीक्ष्य ह।
ईप्सितं प्रददौ ताभ्यो गोभ्य: प्रत्येकश: प्रभु:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
गौओं को प्रायोपवेशन (मृत्युपर्यन्त व्रत) करते देख ब्रह्माजी ने प्रत्येक गौ को उनकी इच्छित वस्तु दी ॥14॥
 
Seeing the cows observing Prayopaveshan (fast till death), Lord Brahma gave each of the cows the thing they desired. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)