Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.83.12: व्यास बोले, "बेटा! गायें सभी जीवों का गौरव हैं। गायें परम शरण हैं। गायें पवित्र और पवित्र हैं और मवेशी सभी को पवित्र करते हैं।"   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  13.83.12 
व्यास उवाच
गाव: प्रतिष्ठा भूतानां तथा गाव: परायणम्।
गाव: पुण्या: पवित्राश्च गोधनं पावनं तथा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
व्यास बोले, "बेटा! गायें सभी जीवों का गौरव हैं। गायें परम शरण हैं। गायें पवित्र और पवित्र हैं और मवेशी सभी को पवित्र करते हैं।"
 
Vyasa said, "Son! Cows are the pride of all living beings. Cows are the ultimate refuge. Cows are pious and holy and cattle purify everyone."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)