Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.83.11: "पिताजी! सब वस्तुओं में पवित्रतम क्या है? इन सबका वर्णन मुझसे कीजिए।" हे भरतश्रेष्ठ! अपने पुत्र शुकदेव के ये वचन सुनकर धर्म के ज्ञाता व्यासजी ने उन्हें सब कुछ विस्तारपूर्वक समझाया। ॥11॥ | mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"पिताजी! सब वस्तुओं में पवित्रतम क्या है? इन सबका वर्णन मुझसे कीजिए।" हे भरतश्रेष्ठ! अपने पुत्र शुकदेव के ये वचन सुनकर धर्म के ज्ञाता व्यासजी ने उन्हें सब कुछ विस्तारपूर्वक समझाया। ॥11॥
"Father! What is the holiest of all things? Describe all these things to me." O best of the Bharatas! On hearing these words of his son Shukdev, Vyasa, the knower of the Dharma, explained everything to him in detail. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥