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mahabharat 13.83.10: यज्ञ की पवित्रता क्या है? यज्ञ किस लिए प्रसिद्ध है? देवताओं के लिए कौन-सी वस्तु श्रेष्ठ है? इससे श्रेष्ठ यज्ञ कौन-सा है? 10॥   |   mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.83.10 
किं च यज्ञस्य यज्ञत्वं क्व च यज्ञ: प्रतिष्ठित:।
देवानामुत्तमं किं च किं च सत्रमित: परम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यज्ञ की पवित्रता क्या है? यज्ञ किस लिए प्रसिद्ध है? देवताओं के लिए कौन-सी वस्तु श्रेष्ठ है? इससे श्रेष्ठ यज्ञ कौन-सा है? 10॥
 
‘What is the sacredness of Yagya? What is Yagya famous for? Which thing is best for the gods? What is the best Yagya than this? 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)