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mahabharat 13.80.5: राजा! गौओं के शरीर से नाना प्रकार की मनोहर सुगंधियाँ निकलती हैं और कई गौएँ गुग्गुल के समान गन्धयुक्त होती हैं। गौएँ समस्त प्राणियों का आधार हैं और गौएँ उनके लिए महान मंगल का स्रोत हैं। 5॥   |   mahabharat अध्याय 13.80: वसिष्ठका सौदासको गोदानकी विधि एवं महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 80: वसिष्ठका सौदासको गोदानकी विधि एवं महिमा बताना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.80.5 
गाव: सुरभिगन्धिन्यस्तथा गुग्गुलुगन्धय:।
गाव: प्रतिष्ठा भूतानां गाव: स्वस्त्ययनं महत्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
राजा! गौओं के शरीर से नाना प्रकार की मनोहर सुगंधियाँ निकलती हैं और कई गौएँ गुग्गुल के समान गन्धयुक्त होती हैं। गौएँ समस्त प्राणियों का आधार हैं और गौएँ उनके लिए महान मंगल का स्रोत हैं। 5॥
 
King! Various types of delectable fragrances emanate from the bodies of cows and many cows smell like Guggulu. Cows are the foundation of all living beings and cows are the source of great auspiciousness for them. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)