श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 80: वसिष्ठका सौदासको गोदानकी विधि एवं महिमा बताना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.80.19 
गोमयेन सदा स्नायात् करीषे चापि संविशेत्।
श्लेष्ममूत्रपुरीषाणि प्रतिघातं च वर्जयेत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
प्रतिदिन शरीर पर गोबर लगाकर स्नान करना चाहिए। सूखे गोबर पर बैठना चाहिए। उस पर थूकना, मल-मूत्र त्यागना नहीं चाहिए तथा गौ का अपमान नहीं करना चाहिए।॥19॥
 
‘Every day one should apply cow dung on the body and take a bath. Sit on dried cow dung. Do not spit on it, do not excrete or urinate on it and avoid insulting cows.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)