श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 80: वसिष्ठका सौदासको गोदानकी विधि एवं महिमा बताना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  13.80.16 
नाकीर्तयित्वा गा: सुप्यात् तासां संस्मृत्य चोत्पतेत्।
सायंप्रातर्नमस्येच्च गास्तत: पुष्टिमाप्नुयात्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
‘गौओं का नाम लिए बिना न सोएँ। उनका स्मरण करके ही उठें और प्रातः-सायं उन्हें नमस्कार करें। इससे मनुष्य को बल और पोषण मिलता है।॥16॥
 
‘Do not sleep without chanting the names of cows. Wake up only after remembering them and salute them in the morning and evening. This gives strength and nourishment to a man.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)