Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.8.28: जैसे चरवाहा सदैव हाथ में डंडा लेकर गायों की रक्षा करता है, वैसे ही क्षत्रिय को भी उचित है कि वह सदैव ब्राह्मणों और वेदों की रक्षा करे। 28. | mahabharat अध्याय 13.8: श्रेष्ठ ब्राह्मणोंकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दण्डपाणिर्यथा गोषु पालो नित्यं हि रक्षयेत्।
ब्राह्मणान् ब्रह्म च तथा क्षत्रिय: परिपालयेत्॥ २८॥
अनुवाद
जैसे चरवाहा सदैव हाथ में डंडा लेकर गायों की रक्षा करता है, वैसे ही क्षत्रिय को भी उचित है कि वह सदैव ब्राह्मणों और वेदों की रक्षा करे। 28.
Just as a shepherd always guards the cows with a stick in his hand, similarly it is appropriate for a Kshatriya to always protect the Brahmins and the Vedas. 28.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥