Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.8.2: जब तुम बड़े-बड़े कष्टों में भी पड़े हो, तब भी तुम्हारा मन किसका स्मरण नहीं छोड़ता? तथा इस लोक और परलोक में क्या लाभदायक है? कृपा करके मुझे ये सब बातें बताओ॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 13.8: श्रेष्ठ ब्राह्मणोंकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्तमापद्गतस्यापि यत्र ते वर्तते मन:।
मनुष्यलोके सर्वस्मिन् यदमुत्रेह चाप्युत॥ २॥
अनुवाद
जब तुम बड़े-बड़े कष्टों में भी पड़े हो, तब भी तुम्हारा मन किसका स्मरण नहीं छोड़ता? तथा इस लोक और परलोक में क्या लाभदायक है? कृपा करके मुझे ये सब बातें बताओ॥ 2॥
Whom does your mind not stop remembering even when you are in the greatest of troubles? And what is beneficial in this world and the next? Kindly tell me all these things.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥