Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.8.1: युधिष्ठिर ने पूछा- हे भरतनन्दन! इस संसार में कौन-कौन पुरुष पूजनीय और नमस्कार के योग्य हैं? आप किसे नमस्कार करते हैं? और हे मनुष्यों के स्वामी! आप किससे प्रेम करते हैं? यह सब मुझे बताइए॥1॥ | mahabharat अध्याय 13.8: श्रेष्ठ ब्राह्मणोंकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
के पूज्या: के नमस्कार्या: कान् नमस्यसि भारत।
एतन्मे सर्वमाचक्ष्व येभ्य: स्पृहयसे नृप॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- हे भरतनन्दन! इस संसार में कौन-कौन पुरुष पूजनीय और नमस्कार के योग्य हैं? आप किसे नमस्कार करते हैं? और हे मनुष्यों के स्वामी! आप किससे प्रेम करते हैं? यह सब मुझे बताइए॥1॥
Yudhishthira asked- O Bharatanandan! Who are the men in this world who are worthy of worship and salutation? Whom do you salute? And O Lord of men! Who do you love? Tell me all this.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥