Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.79.5-6: जो मनुष्य गौ दान करता है, उसे असूर्य नामक अंधकारमय लोक (नरक) में नहीं जाना पड़ता। जिसका घास खाना और पानी पीना लगभग बंद हो गया हो, जिसका दूध नष्ट हो गया हो, जिसकी इन्द्रियाँ काम न कर रही हों, जिसका शरीर बुढ़ापे और रोग के कारण जीर्ण-शीर्ण हो गया हो तथा जल के बिना कुएँ के समान बेकार हो गया हो, ऐसी गौ का दान करने से मनुष्य ब्राह्मण को अनावश्यक कष्ट में डालता है और स्वयं भी घोर नरक में पड़ता है। | mahabharat अध्याय 13.79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असुर्या नाम ते लोका गां दत्त्वा तान् न गच्छति।
पीतोदकां जग्धतृणां नष्टक्षीरां निरिन्द्रियाम्॥ ५॥
जरारोगोपसम्पन्नां जीर्णां वापीमिवाजलाम्।
दत्त्वा तम: प्रविशति द्विजं क्लेशेन योजयेत् ॥ ६॥
अनुवाद
जो मनुष्य गौ दान करता है, उसे असूर्य नामक अंधकारमय लोक (नरक) में नहीं जाना पड़ता। जिसका घास खाना और पानी पीना लगभग बंद हो गया हो, जिसका दूध नष्ट हो गया हो, जिसकी इन्द्रियाँ काम न कर रही हों, जिसका शरीर बुढ़ापे और रोग के कारण जीर्ण-शीर्ण हो गया हो तथा जल के बिना कुएँ के समान बेकार हो गया हो, ऐसी गौ का दान करने से मनुष्य ब्राह्मण को अनावश्यक कष्ट में डालता है और स्वयं भी घोर नरक में पड़ता है।
A person who donates a cow does not have to go to the dark world (hell) called Asurya. By donating a cow whose eating of grass and drinking of water has almost stopped, whose milk has been destroyed, whose senses are not functioning, whose body is worn out due to old age and disease and has become useless like a well without water, a person puts a Brahmin to unnecessary trouble and himself also falls into a terrible hell. 5-6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥