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mahabharat 13.79.4: भीष्म जी ने कहा, "बेटा! एक युवा, गुणवान और प्रेममयी गाय को वस्त्र से ढककर दान करना चाहिए। ऐसी गाय को ब्राह्मण को दान करने से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है।"   |   mahabharat अध्याय 13.79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.79.4 
भीष्म उवाच
वत्सलां गुणसम्पन्नां तरुणीं वस्त्रसंयुताम्।
दत्त्वेदृशीं गां विप्राय सर्वपापै: प्रमुच्यते॥ ४॥
 
 
अनुवाद
भीष्म जी ने कहा, "बेटा! एक युवा, गुणवान और प्रेममयी गाय को वस्त्र से ढककर दान करना चाहिए। ऐसी गाय को ब्राह्मण को दान करने से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है।"
 
Bhishma Ji said, "Son! One should donate a young, virtuous and loving cow after covering it with clothes. By donating such a cow to a Brahmin, a man becomes free from all sins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)