Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.79.33: राजा! जो गौ दान करता है, उसे हवि, काव्य, तर्पण और शांति कर्म का फल मिलता है, साथ ही वाहन, वस्त्र और बालक-वृद्धों को तृप्ति भी मिलती है। इस प्रकार ये सब गौ दान के पुण्य हैं। दानकर्ता को ये सब सदैव प्राप्त होते हैं॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 13.79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! जो गौ दान करता है, उसे हवि, काव्य, तर्पण और शांति कर्म का फल मिलता है, साथ ही वाहन, वस्त्र और बालक-वृद्धों को तृप्ति भी मिलती है। इस प्रकार ये सब गौ दान के पुण्य हैं। दानकर्ता को ये सब सदैव प्राप्त होते हैं॥ 33॥
King! The one who donates a cow gets the fruits of Havi, Kavya, Tarpan and Shanti Karma as well as vehicle, clothes and satisfaction for children and old people. Thus all these are the merits of cow donation. The donor always gets all these. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥