vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन
»
श्लोक 27-28h
श्लोक
13.79.27-28h
वृषभं च ददौ तस्मै सह गोभि: प्रजापति:॥ २७॥
प्रसादयामास मनस्तेन रुद्रस्य भारत।
अनुवाद
ऐसा कहकर प्रजापति ने महादेवजी को बहुत सी गायें और एक बैल भेंट किया और इस विधि से उनका मन प्रसन्न किया।
Saying this, Prajapati presented many cows and a bull to Mahadevji and pleased his heart by this method.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×