Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.79.25-27h: ‘जैसे वायु, अग्नि, सुवर्ण, समुद्र और देवताओं द्वारा पिया गया अमृत – ये वस्तुएँ अपवित्र नहीं हैं, उसी प्रकार जो गौ अपने बछड़ों पर स्नेह रखती है, वह बछड़ों द्वारा उसे पीने पर अपवित्र या अपवित्र नहीं होती। (अर्थात् दूध पीते समय बछड़े के मुख से जो झाग निकलता है, वह अपवित्र नहीं माना जाता।) ये गौएँ अपने दूध और घी से सम्पूर्ण जगत का पालन करेंगी। सब लोग यही चाहते हैं कि इन गौओं को अमृततुल्य शुभ दूध की सम्पत्ति प्राप्त हो।’॥25-26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन  »  श्लोक 25-27h
 
 
श्लोक  13.79.25-27h 
न दुष्यत्यनिलो नाग्निर्न सुवर्णं न चोदधि:॥ २५॥
नामृतेनामृतं पीतं वत्सपीता न वत्सला।
इमाँल्लोकान् भरिष्यन्ति हविषा प्रस्रवेण च॥ २६॥
आसामैश्वर्यमिच्छन्ति सर्वेऽमृतमयं शुभम्।
 
 
अनुवाद
‘जैसे वायु, अग्नि, सुवर्ण, समुद्र और देवताओं द्वारा पिया गया अमृत – ये वस्तुएँ अपवित्र नहीं हैं, उसी प्रकार जो गौ अपने बछड़ों पर स्नेह रखती है, वह बछड़ों द्वारा उसे पीने पर अपवित्र या अपवित्र नहीं होती। (अर्थात् दूध पीते समय बछड़े के मुख से जो झाग निकलता है, वह अपवित्र नहीं माना जाता।) ये गौएँ अपने दूध और घी से सम्पूर्ण जगत का पालन करेंगी। सब लोग यही चाहते हैं कि इन गौओं को अमृततुल्य शुभ दूध की सम्पत्ति प्राप्त हो।’॥25-26 1/2॥
 
‘Just as air, fire, gold, the ocean and the nectar drunk by the gods – these things are not impure, similarly a cow that has affection for its calves does not become impure or impure when its calves drink it. (It means that the foam that falls from the mouth of a calf while drinking milk is not considered impure.) These cows will sustain the entire world with their milk and ghee. Everyone wants that these cows should have the wealth of auspicious nectar-like milk.’॥25-26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)