श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  13.79.18 
सासृजत् सौरभेयीस्तु सुरभिर्लोकमातृका:।
सुवर्णवर्णा: कपिला: प्रजानां वृत्तिधेनव:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
उस सुरभि ने 'सौरभेयी' नाम की बहुत सी गौएँ उत्पन्न कीं, जो सम्पूर्ण जगत के लिए माता के समान थीं। उन सबका रंग सुवर्ण के समान चमक रहा था। वे कपिला गौएँ दूध देकर लोगों की जीविका चला रही थीं॥ 18॥
 
That Surbhi gave birth to many cows named 'Saurabheyi', who were like mother to the whole world. The colour of all of them was shining like gold. Those Kapila cows were providing milk as livelihood to the people.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)