श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 79: कपिला गौओंकी उत्पत्ति और महिमाका वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  13.79.10 
भीष्म उवाच
वृद्धानां ब्रुवतां तात श्रुतं मे यत् पुरातनम्।
वक्ष्यामि तदशेषेण रोहिण्यो निर्मिता यथा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले - 'बेटा! मैं तुम्हें रोहिणी (कपिला) के जन्म की प्राचीन कथा सुनाता हूँ, जो मैंने बड़े-बूढ़ों से सुनी है।॥10॥
 
Bhishma said, 'Son! I am telling you the ancient story of the birth of Rohini (Kapila) which I have heard from the elders.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)