Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.78.25-27: उशीनर, विश्वगश्व, नृग, भगीरथ, प्रसिद्ध युवनाश्वकुमार महाराज मान्धाता, राजा मुचुकुंद, भूरिद्युम्न, निषधनरेश नल, सोमक, पुरूरवा, चक्रवर्ती भरत - वे सभी राजा जिनके वंशज भरत कहलाएंगे, दशरथनन्दन वीर श्रीराम, अन्य प्रसिद्ध राजा और महान कार्य करने वाले राजा दिलीप - ये सभी न्यायविद् थे। दान करके राजाओं को स्वर्ग की प्राप्ति हुई है। राजा मान्धाता यज्ञ, दान, तप, राजधर्म तथा गोदान आदि समस्त उत्तम गुणों से सम्पन्न थे॥25-27॥ | mahabharat अध्याय 13.78: गोदानकी विधि, गौओंसे प्रार्थना, गौओंके निष्क्रय और गोदान करनेवाले नरेशोंके नाम । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उशीनरो विष्वगश्वो नृगश्च
भगीरथो विश्रुतो यौवनाश्व:।
मान्धाता वै मुचुकुन्दश्च राजा
भूरिद्युम्नो नैषध: सोमकश्च॥ २५॥
पुरूरवो भरतश्चक्रवर्ती
यस्यान्ववाये भरता: सर्व एव।
तथा वीरो दाशरथिश्च रामो
ये चाप्यन्ये विश्रुता: कीर्तिमन्त:॥ २६॥
तथा राजा पृथुकर्मा दिलीपो
दिवं प्राप्तो गोप्रदानैर्विधिज्ञ:।
यज्ञैर्दानैस्तपसा राजधर्मै-
र्मान्धाताभूद् गोप्रदानैश्च युक्ता:॥ २७॥
अनुवाद
उशीनर, विश्वगश्व, नृग, भगीरथ, प्रसिद्ध युवनाश्वकुमार महाराज मान्धाता, राजा मुचुकुंद, भूरिद्युम्न, निषधनरेश नल, सोमक, पुरूरवा, चक्रवर्ती भरत - वे सभी राजा जिनके वंशज भरत कहलाएंगे, दशरथनन्दन वीर श्रीराम, अन्य प्रसिद्ध राजा और महान कार्य करने वाले राजा दिलीप - ये सभी न्यायविद् थे। दान करके राजाओं को स्वर्ग की प्राप्ति हुई है। राजा मान्धाता यज्ञ, दान, तप, राजधर्म तथा गोदान आदि समस्त उत्तम गुणों से सम्पन्न थे॥25-27॥
Ushinar, Vishwagashwa, Nrig, Bhagiratha, the famous Yuvnashwakumar Maharaj Mandhata, King Muchukund, Bhuridyumna, Nishadhanresh Nal, Somak, Pururva, Chakravarti Bharat - all the kings from whose descendants will be called Bharat, Dashrathanandan Veer Shri Ram, other famous kings and King Dilip who did great deeds - all these jurists. Kings have attained heaven by donating. King Mandhata was blessed with all the best qualities like Yagya, charity, penance, royal religion and Godan etc. 25-27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥