Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.77.33: भरतश्रेष्ठ! सत्य बोलने वाले मनुष्य स्वर्ग में सुख भोगते हैं। किन्तु इन्द्रियों का संयम ही उस सत्य के फल की प्राप्ति का कारण है। मैंने यह बात पूरे मन से कही है। 33॥ | mahabharat अध्याय 13.77: व्रत, नियम, दम, सत्य, ब्रह्मचर्य, माता-पिता, गुरु आदिकी सेवाकी महत्ता । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतश्रेष्ठ! सत्य बोलने वाले मनुष्य स्वर्ग में सुख भोगते हैं। किन्तु इन्द्रियों का संयम ही उस सत्य के फल की प्राप्ति का कारण है। मैंने यह बात पूरे मन से कही है। 33॥
Bharatshrestha! People who speak the truth enjoy happiness in heaven. But control over the senses is the reason for attaining the fruits of that truth. I have said this with my whole heart. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥