Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.77.23-d1h: कुछ लोग यज्ञ करने में वीर होते हैं। कुछ लोग अपनी इन्द्रियों को वश में रखने में वीर होने के कारण दमशूर कहलाते हैं। इसी प्रकार बहुत से लोग सत्य में वीर, युद्ध में वीर, दान में वीर, ज्ञान में वीर और क्षमा में वीर कहलाते हैं॥23॥ | mahabharat अध्याय 13.77: व्रत, नियम, दम, सत्य, ब्रह्मचर्य, माता-पिता, गुरु आदिकी सेवाकी महत्ता । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ लोग यज्ञ करने में वीर होते हैं। कुछ लोग अपनी इन्द्रियों को वश में रखने में वीर होने के कारण दमशूर कहलाते हैं। इसी प्रकार बहुत से लोग सत्य में वीर, युद्ध में वीर, दान में वीर, ज्ञान में वीर और क्षमा में वीर कहलाते हैं॥23॥
Some people are brave in performing Yagyas. Some are called Damashur because they are brave in controlling their senses. Similarly, many people are called brave in truth, brave in war, brave in charity, brave in wisdom and brave in forgiveness.॥23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥