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mahabharat 13.77.2: महाद्युते! व्रत का फल क्या और कैसे बताया गया है? नियमपूर्वक पालन करने और स्वयं अध्ययन करने का क्या फल है?॥2॥   |   mahabharat अध्याय 13.77: व्रत, नियम, दम, सत्य, ब्रह्मचर्य, माता-पिता, गुरु आदिकी सेवाकी महत्ता   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.77.2 
व्रतानां किं फलं प्रोक्तं कीदृशं वा महाद्युते।
नियमानां फलं किं च स्वधीतस्य च किं फलम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
महाद्युते! व्रत का फल क्या और कैसे बताया गया है? नियमपूर्वक पालन करने और स्वयं अध्ययन करने का क्या फल है?॥2॥
 
Mahadyute! What and how are the results of fasting described? What is the result of following rules and studying on your own?॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)