Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.77.1: युधिष्ठिर बोले- प्रभु! आपने धर्म का उपदेश देकर मुझे उसमें दृढ़ विश्वास दिलाया है। पितामह! अब मैं आपसे एक और शंका पूछ रहा हूँ, कृपया उसे भी बताइए।॥1॥ | mahabharat अध्याय 13.77: व्रत, नियम, दम, सत्य, ब्रह्मचर्य, माता-पिता, गुरु आदिकी सेवाकी महत्ता । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर बोले- प्रभु! आपने धर्म का उपदेश देकर मुझे उसमें दृढ़ विश्वास दिलाया है। पितामह! अब मैं आपसे एक और शंका पूछ रहा हूँ, कृपया उसे भी बताइए।॥1॥
Yudhishthira said-Prabhu! By preaching Dharma, you have given me a firm belief in it. Grandfather! Now I am asking you another doubt, please tell me about it.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥