Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.76.7: हे इन्द्र! गौदान में कुछ स्वर्ण दक्षिणा देने का विधान है। दक्षिणा के लिए स्वर्ण को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है।॥7॥ | mahabharat अध्याय 13.76: दूसरोंकी गायको चुराकर देने या बेचनेसे दोष, गोहत्याके भयंकर परिणाम तथा गोदान एवं सुवर्ण-दक्षिणाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे इन्द्र! गौदान में कुछ स्वर्ण दक्षिणा देने का विधान है। दक्षिणा के लिए स्वर्ण को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है।॥7॥
O mighty Indra! There is a rule to give some gold as dakshina in the donation of a cow. Gold is said to be the best for dakshina. There is no doubt about this. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥