| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 75: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गोदानकी महिमा बताना » श्लोक 45 |
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| | | | श्लोक 13.75.45  | तथानड्वाहं ब्राह्मणाय प्रदाय
धुर्यं युवानं बलिनं विनीतम्।
हलस्य वोढारमनन्तवीर्यं
प्राप्नोति लोकान् दशधेनुदस्य॥ ४५॥ | | | | | | अनुवाद | | जो मनुष्य ब्राह्मण को युवा, बलवान, विनम्र, सरल, भार ढोने में समर्थ, हल खींचने में समर्थ अत्यन्त बलवान बैल दान करता है, वह दस गौएँ दान करने वाले के लोक में जाता है ॥ 45॥ | | | | He who donates to a Brahmana a young, strong, humble, simple, capable of carrying a load, a very powerful bullock capable of pulling a plough, goes to the world of one who donates ten cows. ॥ 45॥ | | ✨ ai-generated | | |
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