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mahabharat 13.73.9: नचिकेता को गिरते देख उसके पिता भी शोक से मूर्छित हो गए और भूमि पर गिरकर कहने लगे, 'हाय, मैंने यह क्या कर दिया!'   |   mahabharat अध्याय 13.73: पिताके शापसे नाचिकेतका यमराजके पास जाना और यमराजका नाचिकेतको गोदानकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 73: पिताके शापसे नाचिकेतका यमराजके पास जाना और यमराजका नाचिकेतको गोदानकी महिमा बताना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  13.73.9 
नाचिकेतं पिता दृष्ट्वा पतितं दु:खमूर्च्छित:।
किं मया कृतमित्युक्त्वा निपपात महीतले॥ ९॥
 
 
अनुवाद
नचिकेता को गिरते देख उसके पिता भी शोक से मूर्छित हो गए और भूमि पर गिरकर कहने लगे, 'हाय, मैंने यह क्या कर दिया!'
 
Seeing Nachiketa fall, his father also fainted in grief and fell on the ground saying, 'Oh, what have I done!'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)