Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.73.28: उन सबको देखकर मैंने महाबली भगवान धर्मराज से पूछा - हे प्रभु! ये घी और दूध की बहती हुई नदियाँ, जिनका स्रोत कभी सूखता नहीं, इन्हें कौन पीता है - ये किसका आहार बनी हैं?॥28॥ | mahabharat अध्याय 13.73: पिताके शापसे नाचिकेतका यमराजके पास जाना और यमराजका नाचिकेतको गोदानकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन सबको देखकर मैंने महाबली भगवान धर्मराज से पूछा - हे प्रभु! ये घी और दूध की बहती हुई नदियाँ, जिनका स्रोत कभी सूखता नहीं, इन्हें कौन पीता है - ये किसका आहार बनी हैं?॥28॥
‘Seeing them all, I asked the mighty ancient god Dharamraj, ‘O Lord! These flowing rivers of ghee and milk, whose source never dries up, who consumes them – whose food have they been destined to be?’॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥