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श्लोक  13.72.6 
खमावृत्योदपानस्य कृकलास: स्थितो महान्।
तस्य नास्ति समुद्धर्तेत्येतत् कृष्णे न्यवेदयन्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने भगवान कृष्ण से निवेदन किया - 'प्रभु! एक बहुत बड़ा गिरगिट कुएँ में पड़ा है, जिसने कुएँ का पूरा स्थान घेर रखा है; किन्तु उसे निकालने वाला कोई नहीं है।'
 
He requested Lord Krishna - 'Lord! A very big chameleon is lying in the well, occupying the entire space of the well; but there is no one to take it out.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)