Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.72.4-5: तब वे हजारों बालक उस गिरगिट को बाहर निकालने का प्रयत्न करने लगे। गिरगिट का शरीर पर्वत के समान था। बालकों ने उसे रस्सियों और चमड़े की पट्टियों से बाँधकर खींचने का बहुत प्रयत्न किया, परन्तु वह तनिक भी टस से मस नहीं हुआ। जब बालक उसे बाहर निकालने में सफल न हो सके, तब वे भगवान श्रीकृष्ण के पास गए ॥4-5॥ | mahabharat अध्याय 13.72: ब्राह्मणके धनका अपहरण करनेसे होने वाली हानिके विषयमें दृष्टान्तके रूपमें राजा नृगका उपाख्यान । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब वे हजारों बालक उस गिरगिट को बाहर निकालने का प्रयत्न करने लगे। गिरगिट का शरीर पर्वत के समान था। बालकों ने उसे रस्सियों और चमड़े की पट्टियों से बाँधकर खींचने का बहुत प्रयत्न किया, परन्तु वह तनिक भी टस से मस नहीं हुआ। जब बालक उसे बाहर निकालने में सफल न हो सके, तब वे भगवान श्रीकृष्ण के पास गए ॥4-5॥
Then those thousands of children started trying to pull out that chameleon. The body of the chameleon was like a mountain. The children tied it with ropes and leather strips and tried very hard to pull it but it did not move even a bit. When the children could not succeed in pulling it out, then they went to Lord Krishna. ॥ 4-5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥