Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.72.31: ‘बुद्धिमान पुरुष को ब्राह्मण का धन नहीं चुराना चाहिए। ब्राह्मण का चुराया हुआ धन चोर को उसी प्रकार नष्ट कर देता है, जैसे ब्राह्मण की गाय ने राजा नृग को नष्ट कर दिया था।’॥31॥ | mahabharat अध्याय 13.72: ब्राह्मणके धनका अपहरण करनेसे होने वाली हानिके विषयमें दृष्टान्तके रूपमें राजा नृगका उपाख्यान । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘बुद्धिमान पुरुष को ब्राह्मण का धन नहीं चुराना चाहिए। ब्राह्मण का चुराया हुआ धन चोर को उसी प्रकार नष्ट कर देता है, जैसे ब्राह्मण की गाय ने राजा नृग को नष्ट कर दिया था।’॥31॥
‘A wise man should not steal the wealth of a Brahmin. The stolen wealth of a Brahmin ruins the thief in the same way as the Brahmin's cow ruined King Nriga.'॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥