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mahabharat 13.72.30: भरतश्रेष्ठ! कुरुनन्दन! राजा नृग के स्वर्ग चले जाने पर वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण ने यह श्लोक गाया-॥ 30॥   |   mahabharat अध्याय 13.72: ब्राह्मणके धनका अपहरण करनेसे होने वाली हानिके विषयमें दृष्टान्तके रूपमें राजा नृगका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.72.30 
ततस्तस्मिन् दिवं याते नृगे भरतसत्तम।
वासुदेव इमं श्लोकं जगाद कुरुनन्दन॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! कुरुनन्दन! राजा नृग के स्वर्ग चले जाने पर वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण ने यह श्लोक गाया-॥ 30॥
 
Bharatshrestha! Kurunandan! After King Nriga went to heaven, Vasudevanandan Lord Shri Krishna sang this verse -॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)