Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.71.19: बड़ों की सेवा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। अभिमान महान यश को नष्ट कर देता है। तीन पुत्र संतानहीनता के पाप को दूर करते हैं और दस दूध देने वाली गायें आजीविका के अभाव को दूर करती हैं॥19॥ | mahabharat अध्याय 13.71: गोदानकी महिमा तथा गौओं और ब्राह्मणोंकी रक्षासे पुण्यकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बड़ों की सेवा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। अभिमान महान यश को नष्ट कर देता है। तीन पुत्र संतानहीनता के पाप को दूर करते हैं और दस दूध देने वाली गायें आजीविका के अभाव को दूर करती हैं॥19॥
Serving the elders destroys all sins. Pride ruins great fame. Three sons remove the sin of being childless and ten milk-giving cows remove the lack of livelihood.॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥