श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 71: गोदानकी महिमा तथा गौओं और ब्राह्मणोंकी रक्षासे पुण्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  13.71.15 
भीष्म उवाच
असद्‍वृत्ताय पापाय लुब्धायानृतवादिने।
हव्यकव्यव्यपेताय न देया गौ: कथंचन॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - राजन! जो ब्राह्मण दुराचारी, पापी, लोभी, असत्यवादी तथा यज्ञ और श्राद्ध कर्म न करने वाला हो, उसे गौ नहीं देनी चाहिए॥15॥
 
Bhishmaji said – King! Cow should not be given to a Brahmin who is evil-doing, sinful, greedy, untruthful and does not perform the Yagya and Shraddha rituals. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)