श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 70: तिल, जल, दीप तथा रत्न आदिके दानका माहात्म्य—धर्मराज और ब्राह्मणका संवाद  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.70.19 
वैशाख्यां पौर्णमास्यां तु तिलान् दद्याद् द्विजातिषु।
तिला भक्षयितव्याश्च सदा त्वालम्भनं च तै:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वैशाख पूर्णिमा के दिन ब्राह्मणों को तिल दान करें, तिल खाएं और तिल का लेप सदैव लगाएं ॥19॥
 
On the full moon day of Vaisakha, donate sesame seeds to Brahmins, eat sesame seeds and always apply sesame seeds as a paste. ॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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