| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 70: तिल, जल, दीप तथा रत्न आदिके दानका माहात्म्य—धर्मराज और ब्राह्मणका संवाद » श्लोक 18 |
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| | | | श्लोक 13.70.18  | तिलान् श्राद्धे प्रशंसन्ति दानमेतद्ध्यनुत्तमम्।
तान् प्रयच्छस्व विप्रेभ्यो विधिदृष्टेन कर्मणा॥ १८॥ | | | | | | अनुवाद | | विद्वान पुरुष श्राद्ध में तिलों की प्रशंसा करते हैं। तिलों का यह दान सर्वश्रेष्ठ दान है। अतः तुम्हें शास्त्रोक्त विधि से ब्राह्मणों को तिलों का दान करते रहना चाहिए। 18. | | | | Learned men praise sesame seeds during Shraddha. This donation of sesame seeds is the best donation. Therefore, you should continue donating sesame seeds to Brahmins according to the scriptural method. 18. | | ✨ ai-generated | | |
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